राज्य निर्माण में आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरी और पेंशन का मिलेगा लाभ

झारखंड राज्य निर्माण में आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों के लिए अच्छी खबर है। जिसने झारखंड निर्माण में योगदान दिया है उनके आश्रितों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 8659 आंदोलनकारियों की एक नई सूची जारी की है, जिसमें झारखंड के सभी जिलों के आंदोलनकारी को शामिल किया गया हैं।

ऐसे में मिल सकती है तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय पदों पर सीधी सरकारी नियुक्ति

 इसमें अगर कोई आंदोलनकारी पुलिस फायरिंग या कारावास के दौरान मृत्यु हो जाता है, या 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हो जाता है, तो उनके एक आश्रित को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार तृतीय और चतुर्थ वर्गीय पदों पर सीधी सरकारी नियुक्ति दी जाएगी।

यह निर्णय राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वालों के परिवारों के जीवन स्तर में सुधार और उनके सामाजिक-सम्मान को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अन्य चिह्नित आंदोलनकारियों के मामलों में भी उनके एक आश्रित को तृतीय और चतुर्थ वर्गीय पदों पर सरकारी नौकरी का मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही जिनका चयन किया जाएगा उनके आश्रितों को पाँच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का फायदा दिया जाएगा। 

आंदोलनकारियों की संख्या

बोकारो 881, चतरा 403, देवघर 767, धनबाद 304, दुमका 748, जमशेदपुर 588, गढ़वा 69

गिरिडीह 350, गोड्डा 545, गुमला 476, हजारीबाग 671, जामताड़ा 468, खूंटी 66, रामगढ़ 792, कोडरमा 104

गिरिडीह 350, गोड्डा 545, गुमला 476, हजारीबाग 671, जामताड़ा 468, खूंटी 66, रामगढ़ 792, कोडरमा 104

बोकारो 881, चतरा 403, देवघर 767, धनबाद 304, दुमका 748, जमशेदपुर 588, गढ़वा 69, गिरिडीह 350, गोड्डा 545, गुमला 476, हजारीबाग 671, जामताड़ा 468, खूंटी 66, रामगढ़ 792, कोडरमा 104, रांची 255, लातेहार 391, साहिबगंज 47, लोहरदगा 55, सरायकेला 195, पाकुड़ 13, सिमडेगा 34, पलामू 266 और चाईबासा 171

ये नीति से झारखंड के आंदोलनकारियों के परिवारों को अब भविष्य में सुरक्षा और सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम राज्य निर्माण आंदोलन के योगदान को मान्यता देने और आंदोलनकारियों के परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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