
धनबाद के न्यू टाउन हॉल में 26 दिसंबर 2025 को आयोजित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) का दीक्षांत समारोह उस समय विवादों में घिर गया, जब मुख्य अतिथि एवं झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार के संबोधन के दौरान राजनीतिक असहजता देखने को मिली।
राज्यपाल समारोह में कुल 165 छात्र–छात्राओं को स्वर्ण पदक एवं उपाधियाँ प्रदान कर रहे थे। इसी दौरान अपने भाषण में उन्होंने डुमरी विधायक जयराम महतो का नाम लिया। बस यहीं से माहौल बदल गया। कार्यक्रम में मौजूद धनबाद से भाजपा विधायक सह पार्टी के सचेतक राज सिन्हा, टुंडी से झामुमो विधायक एवं मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो तथा सिंदरी से सीपीआई विधायक चंद्रदेव महतो उर्फ बबलू महतो नाराज होकर बीच कार्यक्रम से बाहर निकल गए।
कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते हुए धनबाद विधायक राज सिन्हा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा,
“लग रहा था जैसे हम मेला देखने आए हैं, सारा काम और संबोधन तो जयराम महतो का ही था।”
वहीं, पूरे घटनाक्रम पर विधायक जयराम महतो ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यदि उनके नाम के उल्लेख से अन्य विधायकों को आपत्ति है, तो वे स्वयं महामहिम राज्यपाल से निवेदन करेंगे कि भविष्य में उनका नाम न लिया जाए।”
मामला यहीं नहीं थमा। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह सवाल भी उठने लगा कि राज्यपाल का भाषण आखिर किस स्तर पर तैयार किया गया था। क्या यह भाषण राजभवन (लोकभवन) से तैयार होकर आया था या विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया था—इस पर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हालांकि विश्वविद्यालय सूत्रों का दावा है कि राज्यपाल का अभिभाषण रांची से ही तैयार होकर आया था और इसमें बीबीएमकेयू प्रशासन की कोई भूमिका नहीं थी। वहीं मीडिया सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने अपने वक्तव्य में केवल उन विधायकों का नाम लिया, जो बीबीएमकेयू सीनेट के सदस्य हैं। अन्य विधायकों का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि जयराम महतो का नाम वक्तव्य के दौरान विशेष रूप से आया।
तीन विधायकों की नाराजगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सिंदरी और टुंडी के विधायक जहां सत्ताधारी दल से जुड़े हैं और भाजपा के विरोधी माने जाते हैं, वहीं धनबाद के भाजपा विधायक का राज्यपाल के संबोधन से नाराज होना कई नए सवाल खड़े कर रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार स्वयं भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं और सात बार सांसद तथा केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
इस पूरे प्रकरण पर विधायक राज सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति से सवाल पूछने की बात कही है। हालांकि यह भी सवाल उठ रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर कुलपति किस आधार पर जवाब देंगे।
कुल मिलाकर, शैक्षणिक उपलब्धियों के उत्सव के रूप में आयोजित BBMKU का दीक्षांत समारोह राजनीतिक बयानबाजी और असहज परिस्थितियों के कारण अब चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।

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