आज का दौर सोशल मीडिया का है। यह इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया दोनों से दो कदम आगे निकल चुका है।…
पेटरवार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिली नई मजबूती, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्वास्थ्य मेला व ऑपरेशन थिएटर का किया शुभारंभ
पेटरवार। पेटरवार प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का शनिवार को मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता सह उत्पाद…
भारतीय युवाओं को अपंग बनाता सोशल_मीडिया
आज हम दिखावे, प्रचार और थोड़ी-सी कमाई के लिए अपनी निजी जिंदगी से लेकर सार्वजनिक गतिविधियों तक सब कुछ सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। इस पर यह आशंका भी निराधार नहीं लगती कि कहीं यह सब एक विदेशी ताकतों की सोची-समझी रणनीति तो नहीं—जिसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को शिक्षा, शोध और नवाचार से दूर करना हो। क्योंकि आज हम यह देखकर भ्रम में पड़ रहे हैं कि कुछ पढ़े लिखे लोग जॉब छोड़कर सोशल मीडिया से पैसा कमा रहे हैं, तो कुछ लोग बिना पढ़े लिखे तो युवाओं को लग रहा है पढ़ना-लिखना जरूरी नहीं, सिर्फ पैसा जरूरी है। यह सोच अत्यंत खतरनाक है। रील्स बनाकर राष्ट्र नहीं बनता, राष्ट्र बनता है शिक्षा, विज्ञान और नई सोच से।
फ्लोराइडयुक्त पानी ने उजाड़ी पीढ़ियां, जन्म से दिव्यांग हो रहे बच्चे
Fluoride-contaminated water has devastated generations; children are being born with disabilities.




