विद्यालयों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर

हमारा बोकारो पेटरवार डेस्क । भारत के भविष्य के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत पेटरवार प्रखंड के सदमा पंचायत स्थित विवाह मंडप में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के समापन सत्र में 15 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में किए गए स्कूल एवं समुदाय स्वास्थ्य कार्यक्रम के सर्वे का प्रस्तुतिकरण किया गया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रवि जी ने सर्वे के निष्कर्षों तथा विद्यालय स्तर पर किए जा सकने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि विद्यालय को केवल शिक्षा का केंद्र न मानकर स्वास्थ्य, स्वच्छता, जागरूकता और सामुदायिक संवाद का केंद्र भी बनाया जा सकता है।
सर्वे के आधार पर तैयार कार्यक्रम में ऐसी गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिनमें बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर एवं शौचालय की नियमित साफ-सफाई, भोजन से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत, बच्चों के नाखून, कान और बालों की जांच तथा चाइल्ड कैबिनेट की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया गया। इसके अलावा खेल, गेम्स एवं एक्सरसाइज तथा स्कूल किचन गार्डन की देखभाल को भी स्वास्थ्य कार्यक्रम से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। अभिभावक बैठकों में बच्चों द्वारा जंक फूड के दुष्प्रभाव पर प्रस्तुति, विशेष स्वास्थ्य अभियान, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, पोस्टर निर्माण, पढ़ने का उत्सव और स्वास्थ्य मेला जैसी गतिविधियों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित नाटक तथा पुस्तकों के माध्यम से बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समझ विकसित करने की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।

डॉ. काशीनाथ चटर्जी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें समुदाय की स्वास्थ्य समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए सक्रिय बनाने की दिशा में काम करना है। विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के माध्यम से शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक आपस में संवाद करेंगे, सवाल उठाएंगे और स्थानीय स्तर पर समाधान तलाशने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।कहा कि तीन दिनों की कार्यशाला में जिन विषयों पर गंभीर चर्चा हुई है, उन्हें अब जमीन पर ले जाने की जरूरत है। यदि हमें नए भारत का निर्माण करना है और अपने जिले तथा झारखंड के भविष्य को बेहतर बनाना है, तो हमें समाज की समस्याओं का गहन अध्ययन करना होगा। बेरोजगारी सर्वे से लेकर स्कूल सर्वे और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। इन सर्वेक्षणों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक हजार पंचायतों में नागरिक शिक्षा केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी काम को आगे बढ़ाया जाएगा। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के बोकारो जिला उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा ने अपने क्षेत्र में एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कार्यशाला में शामिल साथियों को विद्यालय का भ्रमण भी कराया। प्रतिभागियों ने विद्यालय में किए गए प्रयासों को प्रभावी और प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर 15 पंचायतों में सर्वे करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में भारत ज्ञान विज्ञान समिति झारखंड के राज्य उपाध्यक्ष हेमंत जायसवाल, ज्ञान विज्ञान समिति बोकारो के जिला अध्यक्ष मुमताज आलम सहित अन्य साथियों ने अपने विचार रखे। राज्य कोषाध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने समापन सत्र का संचालन किया। उन्होंने तीन दिवसीय कार्यशाला को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर बुंडू मुखिया निहारिका सुकृति सही अनेक लोग शामिल थे।

