
बोकारो। झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा हाल ही में जारी 12वीं परीक्षा परिणाम में तीनों संकायों में बेटियों का दबदबा देखने को मिला। आर्ट्स संकाय में बोकारो जिले के ग्रामीण क्षेत्र कसमार प्रखंड की रहने वाली छोटी कुमारी ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर जिले और गांव का नाम रोशन किया है।
बेहद साधारण परिवार से आने वाली छोटी कुमारी के पिता गांव के आसपास मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। छोटी कुमारी ने बताया कि यह उनके लिए यह गर्व और खुशी का पल है की उनकी बेटी ने सफलता की ऐसी कहानी लिखी की हर कोई अपनी बेटी को छोटी जैसा बनाने के सपने देखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि परिश्रम का फल अवश्य मिलता है आज उनकी मेहनत का परिणाम सबके सामने है।
जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ बोकारो के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली छोटी कुमारी सुर्ख़ियों में आ गई। छोटी को बधाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान छोटी कुमारी ने अपनी संघर्ष भरी कहानी भी साझा की।
उन्होंने कहा, “आज लोग मुझे बधाई देने आ रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कोई हालचाल तक नहीं पूछता था। रिश्तेदार भी घर नहीं आते थे, क्योंकि मेरे पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं और हम गरीब परिवार से आते हैं।”
छोटी ने कहा, “सफलता में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है, लेकिन अगर आप असफल हो जाएं तो लोगों के ताने सुनने पड़ते हैं। अगर मैं असफल होती तो लोग तरह-तरह की बातें करते और कहते कि अब इसकी शादी कर दो।”
उन्होंने बताया कि पिता को मजदूरी करते देख उन्हें काफी तकलीफ होती है। यही वजह है कि उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई करने और अफसर बनकर घर की आर्थिक स्थिति बदलने का संकल्प लिया।
टॉपर छोटी बच्चियों के लिए बनी प्रेरणा
छोटी कुमारी की सफलता, सिर्फ छोटी कुमारी की सफलता नहीं है वो उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कम संसाधन में बड़े सपने देखती हैं.


