
नावाडीह, बोकारो : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री स्व जगरनाथ महतो की तृतीय पुण्यतिथि आलरगो स्थित सिंगारी मोड़ समाधि स्थल पर सोमवार को मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ झामुमो विधायक दल के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व मंत्री बेबी देवी, केन्द्रीय सदस्य अखिलेश महतो समेत स्व महतो के स्वजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मौके पर झामुमो के जिला पदाधिकारी, मुखिया, सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं आमजनों ने श्रध्दा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोकारो जिला झामुमो प्रवक्ता गोरी शंकर महतो व संचालन सोनाराम हेंब्रम ने किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि “स्व जगरनाथ महतो संघर्ष का दूसरा नाम रहे थे । स्व जगरनाथ के मिशन पर हम सबों को चलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब वे राज्य की पहली बार शिक्षा मंत्री बने तो कोरोना ग्रस्त हो गये, इसके बावजूद भी राज्य की जनता की सेवा में लगे रहे। उसी दौरान 60 हजार पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं का 80 हजार रसोईया के समस्याओं को सरकार के समक्ष रखकर निदान कराने का काम किया था।” साथ ही कहा कि “जगरनाथ महतो की तरह झारखंड की आवाज मजबुती होनी चाहिए। कहा कि मईया सम्मान योजना पूर्व मंत्री बेबी देवी ने देने का काम किया था आज एक एक घर को योजना का लाभ मिल रहा है।”
पूर्व मंत्री बेबी देवी ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि “स्व जगरनाथ महतो का सपना था कि 1932 स्थानीय निति झारखंड प्रदेश में लागू हो। असमय उनके चलें जाने से यह कार्य अधुरा है। आप लोगों की सहयोग से पुनः झारखंड में 1932 लागु कार्य करेंगे।”
सिल्ली विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि “स्व जगरनाथ महतो ने झारखंड को विकसित करने का बीड़ा उठाया था। उसे हम सबों को पुरा करना है। तभी जाकर उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
झामुमो के केन्द्रीय सदस्य अखिलेश महतो ने कहा कि हमारे पिता स्व जगरनाथ महतो डुमरी विधानसभा समेत पुरे झारखंड के लोगों के लिए दिन रात उत्थान के लिए चिंतन मंथन किया करते थे। अब उनके अधुरे कार्यों को पुरा कार्य करेंगे।
मौके पर झामुमो जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी, पूर्व अध्यक्ष हीरालाल मांझी, नावाडीह प्रखंड प्रमुख पुनन देवी, लखनलाल महतो, लोकेश्वर प्रसाद महतो, जगदीश महतो, राजकुमार महतो, राजकुमार पांडेय, पूर्व जिला परिषद सदस्य भोला सिंह, बैजनाथ महतो जयनारायण महतो, सुभाष चन्द्र महतो, समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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