
धनबाद डेस्क: बोकारो एवं हजारीबाग ट्रेजरी में हुए घोटाले के बाद धनबाद जिला कोषागार अब अलर्ट मोड में है। वित्तीय पारदर्शिता और मानकों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए वित्त विभाग ने धनबाद समेत राज्य भर के सभी विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दे दिया गया है।
वित्तीय नियमों के अनुपालन का निर्देष
इसमें विशेष रूप से वित्तीय नियमों का अनुपालन करने का निर्देष दे दिया गया हैं। जिला के कोषागार पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि “झारखंड ट्रेजरी कोड के प्रावधानों के तहत यह दिशा निर्देष जारी किया गया है ताकि सभी विभागों में वित्तीय अनुशासन को और मजबूत किया जा सके। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि दूसरे जगहों पर बोकारो की तरह घटना की पुनरावृति न हो।”
उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों के 50 से अधिक डीडीओ (Drawing and Disbursing Officer) कार्यरत हैं और सभी को अपने स्तर पर वेतन भुगतान व वित्तीय लेनदेन की निगरानी करनी होगी। केवल अकाउंटेंट पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारियों को सर्विस बुक के अनुसार वेतन वितरण और अभिलेखों की नियमित जांच सुनिश्चित करनी होगी।
कोषागार पदाधिकारी ने बताया कि हाल ही में वित्तीय वर्ष का आडिट मार्च में पूरा किया गया, जिसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या विसंगति सामने नहीं आई।
उपायुक्त आदित्य रंजन का कोषागार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संचालित हों। विशेष रूप से वेतन निकासी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है।

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