
शुक्रवार देर शाम ग्रंथ सृजन संस्थान ने दर्जनों महिलाओं को सम्मानित किया। बियाडा ऑफिसर कॉलोनी स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक मंच बना। कार्यक्रम का आरंभ पूर्व डी आई जी जीतेंद्र कुमार सिंह, पूर्व रीजनल डायरेक्टर ( ए एच) एस बी जरूहर, बियाडा ऑफिसर्स सोसाइटी के सेक्रेटरी बी के सिंह , प्रोफेसर प्रियदर्शी जरूहार और रजत नाथ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस समारोह में डीडीसी, शताब्दी मजुमदार, आई ए एस विशिष्ट अतिथि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व डीआईजी आईपीएस, जितेंद्र कुमार सिंह GGSESTC जीजीएसईएसटीसी के डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ) प्रियदर्शी जरूहार और
पशुपालन विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. एस.बी. जरूहार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, कानून, समाजसेवा और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 12 विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाली सूची में अधिवक्ता प्रीति प्रसाद, मिली मणि, एमी मिश्रा, चंद्रिमा रे, दीप्ति सिंह, सरबजीत कौर, लीलावती देवी, श्वेता रंजन , मिनी स्टीफन कपूर, क्रांति श्रीवास्तव, नीलिमा प्रसाद अपूर्वा मिश्रा और नीतू देवी के नाम शामिल हैं। संस्थान का मानना है कि इन महिलाओं ने न केवल स्वयं को अपने क्षेत्र में साबित किया है बल्कि समाज की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनी हैं।
डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा “महिला हर क्षेत्र में आज अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने संस्थान की प्रशंसा की कि वो महिला शक्ति को सम्मानित किया। ऐसे आयोजन के उत्साह वर्धन होता है। जो प्रेरणापुंज का काम करता है।”
डीआईजी जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान का ये प्रयास सराहनीय है। आधी आबादी आज पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला के चल रही है। उनके योगदान को सम्मानित किया जाना चाहिए। एस बी जरूहर ने संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा की और शुभकामनाएं दी। प्रोफेसर (डॉ) प्रियदर्शी जरूहर ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ है। आधी आबादी को सम्मानित कर संस्थान ने एक अच्छा उदारहरण पेश किया है।
ग्रंथ सृजन संस्थान के संस्थापक और अध्यक्ष रजत नाथ ने कहा कि संस्था का सदैव यह प्रयास रहा है कि समाज के उन रत्नों को सामने लाया जाए जो पर्दे के पीछे रहकर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।


